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mahabharat 13.169.23: जहाँ ये त्रिविक्रम विष्णुदेव विद्यमान हैं, वहाँ यश, लक्ष्मी, धन और स्वर्ग का मार्ग है ॥23॥   |   mahabharat अध्याय 13.169: भगवान‍् श्री कृष्णकी महिमाका वर्णन और भीष्मजीका युधिष्ठिरको राज्य करनेके लिये आदेश देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.169.23 
कीर्तिर्लक्ष्मीर्धृतिश्चैव स्वर्गमार्गस्तथैव च।
यत्रैष संस्थितस्तत्र देवो विष्णुस्त्रिविक्रम:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
जहाँ ये त्रिविक्रम विष्णुदेव विद्यमान हैं, वहाँ यश, लक्ष्मी, धन और स्वर्ग का मार्ग है ॥23॥
 
Where this Trivikram Vishnudev is present, there is the path to fame, Lakshmi, wealth and heaven. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)