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mahabharat 13.169.21: नरेश्वर! जो कामदेव समस्त प्राणियों के मन में स्थित हैं और देवताओं तथा दानवों के हृदय में सदैव निवास करते हैं, वे भगवान श्रीकृष्ण के वंशज हैं॥21॥   |   mahabharat अध्याय 13.169: भगवान‍् श्री कृष्णकी महिमाका वर्णन और भीष्मजीका युधिष्ठिरको राज्य करनेके लिये आदेश देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.169.21 
स काम: सर्वभूतानां सर्वभावगतो नृप।
असुराणां सुराणां च चरत्यन्तर्गत: सदा॥ २१॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! जो कामदेव समस्त प्राणियों के मन में स्थित हैं और देवताओं तथा दानवों के हृदय में सदैव निवास करते हैं, वे भगवान श्रीकृष्ण के वंशज हैं॥21॥
 
Nareshwar! Kamadeva, who is present in the mental thoughts of all living beings and always resides in the hearts of gods and demons, is the descendant of Lord Krishna. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)