श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 168: वंशपरम्पराका कथन और भगवान‍् श्रीकृष्णके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  13.168.40 
स यस्य पुण्डरीकाक्ष: प्रीतियुक्तो भविष्यति।
तस्य देवगण: प्रीतो ब्रह्मपूर्वो भविष्यति॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
जिस पर कमलनेत्र भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न होंगे, उस पर ब्रह्मा आदि देवताओं का समुदाय प्रसन्न होगा ॥40॥
 
On whom lotus-eyed Lord Shri Krishna will be pleased, the community of gods like Brahma will be pleased on him. 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)