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mahabharat 13.168.4: उनके उदर से ब्रह्माजी प्रकट हुए और उनके सिर से मैं प्रकट हुई। उनके रोमों से नक्षत्र और तारे प्रकट हुए। उनके रोमों से देवता और दानव प्रकट हुए।   |   mahabharat अध्याय 13.168: वंशपरम्पराका कथन और भगवान‍् श्रीकृष्णके माहात्म्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 168: वंशपरम्पराका कथन और भगवान‍् श्रीकृष्णके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  13.168.4 
ब्रह्मा तस्योदरभवस्तस्याहं च शिरोभव:।
शिरोरुहेभ्यो ज्योतींषि रोमभ्यश्च सुरासुरा:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
उनके उदर से ब्रह्माजी प्रकट हुए और उनके सिर से मैं प्रकट हुई। उनके रोमों से नक्षत्र और तारे प्रकट हुए। उनके रोमों से देवता और दानव प्रकट हुए।
 
Brahmaji appeared from his stomach and I appeared from his head. The constellations and stars appeared from his hair. Gods and demons appeared from his hair.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)