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mahabharat 13.168.33: भगवान वासुदेव दानशील, ब्राह्मणों का आदर करने वाले, ब्रह्मभूत तथा ब्राह्मण-प्रेमी होंगे। कि यदुकुल तिलक श्री कृष्ण मगध राजा जरासंध द्वारा कैद किये गये राजाओं को मुक्त करायेंगे। 33॥   |   mahabharat अध्याय 13.168: वंशपरम्पराका कथन और भगवान‍् श्रीकृष्णके माहात्म्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 168: वंशपरम्पराका कथन और भगवान‍् श्रीकृष्णके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  13.168.33 
दाता ब्राह्मणसत्कर्ता ब्रह्मभूतो द्विजप्रिय:।
राज्ञो मागधसंरुद्धान् मोक्षयिष्यति यादव:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
भगवान वासुदेव दानशील, ब्राह्मणों का आदर करने वाले, ब्रह्मभूत तथा ब्राह्मण-प्रेमी होंगे। कि यदुकुल तिलक श्री कृष्ण मगध राजा जरासंध द्वारा कैद किये गये राजाओं को मुक्त करायेंगे। 33॥
 
Lord Vasudev will be charitable, respectful to Brahmins, Brahmabhoot and Brahmin-loving. That Yadukul Tilak Shri Krishna will free the kings who are imprisoned by Magadha king Jarasandha. 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)