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mahabharat 13.168.10: वे देवताओं के कार्य सिद्ध करने के लिए पृथ्वी पर मानव रूप में अवतरित हुए हैं। भगवान त्रिविक्रम की शक्ति और सहायता के बिना समस्त देवता भी कोई कार्य नहीं कर सकते। ॥10॥   |   mahabharat अध्याय 13.168: वंशपरम्पराका कथन और भगवान‍् श्रीकृष्णके माहात्म्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.168.10 
सुरकार्यार्थमुत्पन्नो मानुषं वपुरास्थित:।
न हि देवगणा: सक्तास्त्रिविक्रमविनाकृता:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
वे देवताओं के कार्य सिद्ध करने के लिए पृथ्वी पर मानव रूप में अवतरित हुए हैं। भगवान त्रिविक्रम की शक्ति और सहायता के बिना समस्त देवता भी कोई कार्य नहीं कर सकते। ॥10॥
 
He has appeared on earth in human form to accomplish the tasks of the gods. Without the power and help of Lord Trivikram, even all the gods cannot do any work. ॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)