श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 167: पार्वतीजीके द्वारा स्त्री-धर्मका वर्णन  »  श्लोक d2
 
 
श्लोक  13.167.d2 
(प्रमदोक्तं तु यत् किंचित् तत् स्त्रीषु बहु मन्यते।
न तथा मन्यते स्त्रीषु पुरुषोक्तमनिन्दिते॥ )
 
 
अनुवाद
अशोभनीय! महिलाओं के बीच महिलाओं द्वारा कही गई बात को ज़्यादा महत्व दिया जाता है। पुरुषों द्वारा कही गई बात को महिलाओं के बीच उतना महत्व नहीं दिया जाता।
 
Undignified! Whatever is said by a woman is given more importance among women. What is said by men is not given the same importance among women.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)