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mahabharat 13.163.d89: आत्मा की मुक्ति के बिना मनुष्य न तो मृत्यु से पार हो सकता है, न धन से, न राज्य से, न महान तप से।   |   mahabharat अध्याय 13.163: मोक्षधर्मकी श्रेष्ठताका प्रतिपादन, मोक्षसाधक ज्ञानकी प्राप्तिका उपाय और मोक्षकी प्राप्तिमें वैराग्यकी प्रधानता]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.163.d89 
न धनेन न राज्येन नाग्रॺेण तपसापि वा।
मरणं नातितरते विना मुक्त्या शरीरिण:॥
 
 
अनुवाद
आत्मा की मुक्ति के बिना मनुष्य न तो मृत्यु से पार हो सकता है, न धन से, न राज्य से, न महान तप से।
 
Without the liberation of the soul, man can neither transcend death nor by wealth, nor by kingdom, nor by great penance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)