श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 163: मोक्षधर्मकी श्रेष्ठताका प्रतिपादन, मोक्षसाधक ज्ञानकी प्राप्तिका उपाय और मोक्षकी प्राप्तिमें वैराग्यकी प्रधानता]  »  श्लोक d87
 
 
श्लोक  13.163.d87 
तपसा वा सुमहता कर्मणा वा श्रुतेन वा।
रसायनप्रयोगैर्वा केनात्येति जरान्तकौ॥
 
 
अनुवाद
घोर तपस्या, कठोर परिश्रम, शास्त्रों का ज्ञान या रासायनिक प्रयोग - किस उपाय से मनुष्य बुढ़ापे और मृत्यु पर विजय पा सकता है?
 
Great penance, hard work, knowledge of scriptures or chemical experiments—by which means can a man overcome old age and death?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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