vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 163: मोक्षधर्मकी श्रेष्ठताका प्रतिपादन, मोक्षसाधक ज्ञानकी प्राप्तिका उपाय और मोक्षकी प्राप्तिमें वैराग्यकी प्रधानता]
»
श्लोक d86
श्लोक
13.163.d86
उमोवाच
केनोपायेन मर्त्यानां निवर्तेते जरान्तकौ।
यद्यस्ति भगवन् मह्यमेतदाचक्ष्व मा चिरम्॥
अनुवाद
उसने पूछा - हे प्रभु! मनुष्य का बुढ़ापा और मृत्यु किस उपाय से रोका जा सकता है? यदि इसका कोई उपाय हो तो कृपा करके मुझे बताइए, विलम्ब न कीजिए।
He asked - O Lord! By what means can old age and death of human beings be stopped? If there is any remedy for this, then please tell me, do not delay.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas