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यथा काष्ठं च काष्ठं च समेयातां महोदधौ।
समेत्य च व्यपेयातां तद्वज्ज्ञातिसमागम:॥
अनुवाद
जिस प्रकार समुद्र में दो लकड़ियाँ दोनों ओर से आकर मिलती हैं और मिलने के बाद पुनः अलग हो जाती हैं, उसी प्रकार एक ही जाति के भाई आपस में मिल जाते हैं।
Just as in the ocean two logs come from either side and meet and after meeting they become separate again, in the same way brothers of the same caste come together.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥