Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.163.d40: अप्रिय वस्तु के सम्पर्क में आने पर तथा सुखद वस्तु से वियोग होने पर अल्प बुद्धि वाले मनुष्य मानसिक कष्ट से भर जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.163: मोक्षधर्मकी श्रेष्ठताका प्रतिपादन, मोक्षसाधक ज्ञानकी प्राप्तिका उपाय और मोक्षकी प्राप्तिमें वैराग्यकी प्रधानता]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 163: मोक्षधर्मकी श्रेष्ठताका प्रतिपादन, मोक्षसाधक ज्ञानकी प्राप्तिका उपाय और मोक्षकी प्राप्तिमें वैराग्यकी प्रधानता]  »  श्लोक d40
 
 
श्लोक  13.163.d40 
सम्प्रयोगादनिष्टस्य विप्रयोगात् प्रियस्य च।
मानुषा मानसैर्दु:खै: संयुज्यन्तेऽल्पबुद्धय:॥
 
 
अनुवाद
अप्रिय वस्तु के सम्पर्क में आने पर तथा सुखद वस्तु से वियोग होने पर अल्प बुद्धि वाले मनुष्य मानसिक कष्ट से भर जाते हैं।
 
On coming in contact with an unpleasant object and being separated from a pleasant object, men of low intellect are filled with mental distress.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)