Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.162.d59-d61: उसमें भी जो मृत्यु या यज्ञ होता है, वह मूर्ख के यज्ञ से भी अधिक निकृष्ट है। मरते हुए मनुष्य के शरीर को भूमि पर लिटा देना चाहिए और जब आत्मा शरीर छोड़ दे, तो उसे तुरन्त नवीन वस्त्रों से ढक देना चाहिए। भामिनी! फिर उसे पुष्पमालाओं, इत्र और स्वर्ण से सजाकर, श्मशान में दक्षिण दिशा में चिता की अग्नि में जला देना चाहिए। अथवा उस निर्जीव शरीर को वहीं भूमि पर डाल देना चाहिए। | mahabharat अध्याय 13.162: प्राणियोंकी शुभ और अशुभ गतिका निश्चय करानेवाले लक्षणोंका वर्णन, मृत्युके दो भेद और यत्नसाध्य मृत्युके चार भेदोंका कथन, कर्तव्य-पालनपूर्वक शरीरत्यागका महान् फल और काम, क्रोध आदिद्वारा देहत्याग करनेसे नरककी प्राप्ति] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसमें भी जो मृत्यु या यज्ञ होता है, वह मूर्ख के यज्ञ से भी अधिक निकृष्ट है। मरते हुए मनुष्य के शरीर को भूमि पर लिटा देना चाहिए और जब आत्मा शरीर छोड़ दे, तो उसे तुरन्त नवीन वस्त्रों से ढक देना चाहिए। भामिनी! फिर उसे पुष्पमालाओं, इत्र और स्वर्ण से सजाकर, श्मशान में दक्षिण दिशा में चिता की अग्नि में जला देना चाहिए। अथवा उस निर्जीव शरीर को वहीं भूमि पर डाल देना चाहिए।
Even in that, the death or sacrifice that takes place is worse than the sacrifice of a fool. The body of the dying man should be laid on the ground and when the soul leaves his body, immediately cover it with new clothes. Bhamini! Then, after decorating it with garlands, perfume and gold, the body should be burned in the fire of the pyre in the south direction in the cremation ground. Or the lifeless body should be thrown on the ground there itself.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥