Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.162.d38: यदि कोई व्यक्ति प्रायोपवेशन (आमरण उपवास) करना चाहता है, तो उसे पूर्वोक्त विधि से घर से निकलकर, परम पवित्र तथा उत्तम देश में निराहार होकर बैठना चाहिए। | mahabharat अध्याय 13.162: प्राणियोंकी शुभ और अशुभ गतिका निश्चय करानेवाले लक्षणोंका वर्णन, मृत्युके दो भेद और यत्नसाध्य मृत्युके चार भेदोंका कथन, कर्तव्य-पालनपूर्वक शरीरत्यागका महान् फल और काम, क्रोध आदिद्वारा देहत्याग करनेसे नरककी प्राप्ति] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि कोई व्यक्ति प्रायोपवेशन (आमरण उपवास) करना चाहता है, तो उसे पूर्वोक्त विधि से घर से निकलकर, परम पवित्र तथा उत्तम देश में निराहार होकर बैठना चाहिए।
If a person wishes to observe Prayopaveshan (fast unto death), then he should leave his house as per the aforesaid method and sit in the most sacred and best country, without any food.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥