Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.161.d34: विद्वान पुरुष श्राद्ध को धन, यश, आयु और स्वर्ग देने वाला, शत्रुओं का नाश करने वाला तथा कुल की रक्षा करने वाला बताते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.161: श्राद्धविधान आदिका वर्णन, दानकी त्रिविधतासे उसके फलकी भी त्रिविधताका उल्लेख, दानके पाँच फल, नाना प्रकारके धर्म और उनके फलोंका प्रतिपादन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 161: श्राद्धविधान आदिका वर्णन, दानकी त्रिविधतासे उसके फलकी भी त्रिविधताका उल्लेख, दानके पाँच फल, नाना प्रकारके धर्म और उनके फलोंका प्रतिपादन]  »  श्लोक d34
 
 
श्लोक  13.161.d34 
धन्यं यशस्यमायुष्यं स्वर्ग्यं शत्रुविनाशनम्।
कुलसंधारकं चेति श्राद्धमाहुर्मनीषिण:॥
 
 
अनुवाद
विद्वान पुरुष श्राद्ध को धन, यश, आयु और स्वर्ग देने वाला, शत्रुओं का नाश करने वाला तथा कुल की रक्षा करने वाला बताते हैं।
 
Wise men describe Shraddha as the one who brings wealth, fame, age and heaven, destroyer of enemies and protector of the clan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)