यत्र तत् क्रियते तत्र न जल्पेन्न जपेन्मिथ:।
नियम्य वाचं देहं च श्राद्धकर्म समारभेत्॥
अनुवाद
जहाँ यह श्राद्ध या पूजा की जा रही हो, वहाँ न तो कुछ बोलना चाहिए और न ही एक-दूसरे से बात करनी चाहिए। अपनी वाणी और शरीर को संयमित रखते हुए श्राद्ध कर्म आरंभ करना चाहिए।
Where this Shraddha or worship is being performed, one should neither speak anything nor talk to each other. One should start the Shraddha ritual by keeping one's speech and body under control.