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शरावांस्तिलसम्पूर्णान् सहिरण्यान् सचम्पकान्।
नृपो ददद् ब्राह्मणाय स पुण्यफलभाग् भवेत्॥
अनुवाद
जो राजा ब्राह्मण को स्वर्ण, चम्पा और तिल से भरे हुए बर्तन (पुरव) दान करता है, वह पुण्य के फल का भागी होता है।
The king who makes donations to a Brahmin of pots (Puravas) containing gold and Champa seeds and sesame seeds, becomes a sharer of the fruits of virtue.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥