Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.160.d208: गायें समस्त जगत में सबसे ज्येष्ठ हैं। वे लोगों की जीविका के कार्य में लगी रहती हैं। वे मेरे अधीन हैं और चंद्रमा के अमृत से प्रकट हुई हैं। वे सौम्य, गुणवान, मनोकामना पूर्ण करने वाली और जीवन देने वाली हैं। इसीलिए पुण्य चाहने वाले मनुष्यों के लिए वे पूजनीय हैं। | mahabharat अध्याय 13.160: शुभाशुभ मानस आदि तीन प्रकारके कर्मोंका स्वरूप और उनके फलका एवं मद्यसेवनके दोषोंका वर्णन, आहार-शुद्धि, मांसभक्षणसे दोष, मांस न खानेसे लाभ, जीवदयाके महत्त्व, गुरुपूजाकी विधि, उपवास-विधि, ब्रह्मचर्यपालन, तीर्थचर्चा, सर्वसाधारण द्रव्यके दानसे पुण्य, अन्न, सुवर्ण, गौ, भूमि, कन्या और विद्यादानका माहात्म्य, पुण्यतम देश-काल, दिये हुए दान और धर्मकी निष्फलता, विविध प्रकारके दान, लौकिक-वैदिक यज्ञ तथा देवताओंकी पूजाका निरूपण] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गायें समस्त जगत में सबसे ज्येष्ठ हैं। वे लोगों की जीविका के कार्य में लगी रहती हैं। वे मेरे अधीन हैं और चंद्रमा के अमृत से प्रकट हुई हैं। वे सौम्य, गुणवान, मनोकामना पूर्ण करने वाली और जीवन देने वाली हैं। इसीलिए पुण्य चाहने वाले मनुष्यों के लिए वे पूजनीय हैं।
Cows are the eldest in the entire world. They are engaged in the work of providing livelihood to the people. She is under my control and has appeared from the nectar of the moon. She is gentle, virtuous, fulfills desires and gives life. That is why they are worshipable for people seeking virtue.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥