Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.158.d76-d77: देवी! ईश्वर-संबंधी अन्य गूढ़ विषयों में बुद्धिवाद काम नहीं करता। जो लोग अपना स्वार्थ समझते हैं, उन्हें इस विषय में अंधे और बहरे के समान आचरण करना चाहिए। अर्थात् नास्तिकों की ओर न तो देखें और न ही उनकी बातें सुनें। देवी! यह विषय जो ऋषियों के लिए गोपनीय और लोकहितकारी है, आपसे कहा गया है। | mahabharat अध्याय 13.158: प्राणियोंके चार भेदोंका निरूपण, पूर्वजन्मकी स्मृतिका रहस्य, मरकर फिर लौटनेमें कारण स्वप्नदर्शन, दैव और पुरुषार्थ तथा पुनर्जन्मका विवेचन] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवी! ईश्वर-संबंधी अन्य गूढ़ विषयों में बुद्धिवाद काम नहीं करता। जो लोग अपना स्वार्थ समझते हैं, उन्हें इस विषय में अंधे और बहरे के समान आचरण करना चाहिए। अर्थात् नास्तिकों की ओर न तो देखें और न ही उनकी बातें सुनें। देवी! यह विषय जो ऋषियों के लिए गोपनीय और लोकहितकारी है, आपसे कहा गया है।
Goddess! Rationalism does not work in other esoteric subjects related to God. Those who seek their own interests should behave like blind and deaf in this matter. That is, neither look at atheists nor listen to their words. Goddess! This matter which is confidential for the sages and beneficial for the people has been told to you.
(दाक्षिणात्य प्रतिमें अध्याय समाप्त)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥