Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.158.d70: इस प्रकार श्रद्धा के कारण परलोक में महान फल प्राप्त होते हैं। जो लोग अपना कल्याण चाहते हैं, उनके लिए बुद्धि, श्रद्धा और विनम्रता ही उन्नति के कारण (साधन) हैं। | mahabharat अध्याय 13.158: प्राणियोंके चार भेदोंका निरूपण, पूर्वजन्मकी स्मृतिका रहस्य, मरकर फिर लौटनेमें कारण स्वप्नदर्शन, दैव और पुरुषार्थ तथा पुनर्जन्मका विवेचन] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं श्रद्धाभवं लोके परत: सुमहत् फलम्।
बुद्धि: श्रद्धा च विनय: करणानि हितैषिणाम्॥
अनुवाद
इस प्रकार श्रद्धा के कारण परलोक में महान फल प्राप्त होते हैं। जो लोग अपना कल्याण चाहते हैं, उनके लिए बुद्धि, श्रद्धा और विनम्रता ही उन्नति के कारण (साधन) हैं।
In this way, one attains great rewards in the next world due to faith. For those who seek their own welfare, wisdom, faith and humility are the reasons (means of progress).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥