Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.158.d44: उमा ने कहा - हे प्रभु! हे देवों के देव! संसार में सभी लोग ईश्वरीय प्रेरणा से ही कर्म मार्ग की ओर प्रवृत्त होते हैं। कुछ लोगों का ऐसा मानना है। | mahabharat अध्याय 13.158: प्राणियोंके चार भेदोंका निरूपण, पूर्वजन्मकी स्मृतिका रहस्य, मरकर फिर लौटनेमें कारण स्वप्नदर्शन, दैव और पुरुषार्थ तथा पुनर्जन्मका विवेचन] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उमा ने कहा - हे प्रभु! हे देवों के देव! संसार में सभी लोग ईश्वरीय प्रेरणा से ही कर्म मार्ग की ओर प्रवृत्त होते हैं। कुछ लोगों का ऐसा मानना है।
Uman said – Lord! Lord of all Gods! Everyone in the world is inclined towards the path of action due to divine inspiration. This is the belief of some people.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥