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निमित्तं च भवेत् तस्मात् प्राणिनां स्वप्नदर्शनम्।
एतत् ते कथितं देवि भूय: श्रोतुं किमिच्छसि॥
अनुवाद
अतः उन घटनाओं का देखना ही जीवों के लिए स्वप्न देखने का कारण बनता है। देवि! स्वप्नों का विषय तो आपको बता दिया गया, अब आप और क्या सुनना चाहती हैं?
Therefore, seeing those events becomes the cause of seeing dreams for the living beings. Devi! You have been told the subject of dreams, what else do you want to hear?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥