Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.158.d35: उन्होंने पूछा - हे प्रभु! अनेक लोग मृत्यु के बाद भी उसी शरीर में लौटते देखे जाते हैं। इसका क्या कारण है?   |   mahabharat अध्याय 13.158: प्राणियोंके चार भेदोंका निरूपण, पूर्वजन्मकी स्मृतिका रहस्य, मरकर फिर लौटनेमें कारण स्वप्नदर्शन, दैव और पुरुषार्थ तथा पुनर्जन्मका विवेचन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 158: प्राणियोंके चार भेदोंका निरूपण, पूर्वजन्मकी स्मृतिका रहस्य, मरकर फिर लौटनेमें कारण स्वप्नदर्शन, दैव और पुरुषार्थ तथा पुनर्जन्मका विवेचन]  »  श्लोक d35
 
 
श्लोक  13.158.d35 
उमोवाच
भगवन् मानुषा: केचिन्मृता भूत्वापि सम्प्रति।
निवर्तमाना दृश्यन्ते देहेष्वेव पुनर्नरा:॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने पूछा - हे प्रभु! अनेक लोग मृत्यु के बाद भी उसी शरीर में लौटते देखे जाते हैं। इसका क्या कारण है?
 
He asked - O Lord! Many people are seen returning to the same body even after death. What is the reason for this?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)