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mahabharat 13.158.d30: उन्होंने पूछा - हे प्रभु! कुछ लोगों को अपने पूर्वजन्मों की बातें याद रहती हैं। वे पूर्वजन्मों की घटनाओं को जानते हुए भी जन्म क्यों लेते हैं?   |   mahabharat अध्याय 13.158: प्राणियोंके चार भेदोंका निरूपण, पूर्वजन्मकी स्मृतिका रहस्य, मरकर फिर लौटनेमें कारण स्वप्नदर्शन, दैव और पुरुषार्थ तथा पुनर्जन्मका विवेचन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.158.d30 
उमोवाच
भगवन् मानुषा: केचिज्जातिस्मरणसंयुता:।
किमर्थमभिजायन्ते जानन्त: पौर्वदैहिकम्॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने पूछा - हे प्रभु! कुछ लोगों को अपने पूर्वजन्मों की बातें याद रहती हैं। वे पूर्वजन्मों की घटनाओं को जानते हुए भी जन्म क्यों लेते हैं?
 
He asked - O Lord! Some people remember things from their previous lives. Why do they take birth knowing the events of their previous lives?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)