Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.158.d27: सम्पूर्ण वेदों का सच्चा ज्ञान प्राप्त कर लेने पर ब्राह्मण कृतार्थ हो जाता है और सामान्य मनुष्यों से उच्चतर स्थिति पर पहुँचकर देवता के समान चमकने लगता है। | mahabharat अध्याय 13.158: प्राणियोंके चार भेदोंका निरूपण, पूर्वजन्मकी स्मृतिका रहस्य, मरकर फिर लौटनेमें कारण स्वप्नदर्शन, दैव और पुरुषार्थ तथा पुनर्जन्मका विवेचन] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सम्पूर्ण वेदों का सच्चा ज्ञान प्राप्त कर लेने पर ब्राह्मण कृतार्थ हो जाता है और सामान्य मनुष्यों से उच्चतर स्थिति पर पहुँचकर देवता के समान चमकने लगता है।
After acquiring the true knowledge of the entire Vedas, the Brahmin becomes fulfilled and by reaching a higher status than ordinary men, he starts shining like a god.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥