Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.158.d15-d16: अण्डज जीव ढेला और बीज के संयोग से पैदा होते हैं तथा वीर्य और रज के संयोग से यौवन जीव पैदा होते हैं। सभी जीवों में मनुष्य का स्थान सर्वोच्च है।   |   mahabharat अध्याय 13.158: प्राणियोंके चार भेदोंका निरूपण, पूर्वजन्मकी स्मृतिका रहस्य, मरकर फिर लौटनेमें कारण स्वप्नदर्शन, दैव और पुरुषार्थ तथा पुनर्जन्मका विवेचन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 158: प्राणियोंके चार भेदोंका निरूपण, पूर्वजन्मकी स्मृतिका रहस्य, मरकर फिर लौटनेमें कारण स्वप्नदर्शन, दैव और पुरुषार्थ तथा पुनर्जन्मका विवेचन]  »  श्लोक d15-d16
 
 
श्लोक  13.158.d15-d16 
अण्डजाश्चापि जायन्ते संयोगात् क्लेदबीजयो:।
शुक्लशोणितसंयोगात् सम्भवन्ति जरायुजा:॥
जरायुजानां सर्वेषां मानुषं पदमुत्तमम्॥
 
 
अनुवाद
अण्डज जीव ढेला और बीज के संयोग से पैदा होते हैं तथा वीर्य और रज के संयोग से यौवन जीव पैदा होते हैं। सभी जीवों में मनुष्य का स्थान सर्वोच्च है।
 
Egg creatures are born from the combination of clod and seed and viviparous creatures are born from the combination of semen and semen. Man has the highest position among all the living beings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)