श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 157: उमा-महेश्वर-संवादमें कितने ही महत्त्वपूर्ण विषयोंका विवेचन]  »  श्लोक d99
 
 
श्लोक  13.157.d99 
उमोवाच
किमर्थमात्मा भिन्नेऽस्मिन् देहे शस्त्रेण वा हते।
स्वयं प्रयास्यति तदा तन्मे शंसितुमर्हसि॥
 
 
अनुवाद
उमा ने पूछा - जब यह शरीर किसी शस्त्र से छेदा या मारा जाता है, तब आत्मा क्यों चली जाती है? मुझे यह बताओ।
 
Uman asked - Why does the soul itself go away when this body is pierced or killed by a weapon? Tell me this.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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