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श्लोक 13.157.d83  |
उमोवाच
देवदेव महादेव श्रुतं मे भगवन्निदम्।
आत्मनो जातिसम्बन्धं ब्रूहि स्त्रीपुरुषान्तरे॥ |
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| अनुवाद |
| उन्होंने पूछा- हे देव! महादेव! भगवन्! मैंने यह विषय भली-भाँति सुन लिया है। अब मुझे बताइए कि आत्मा किस वर्ण की है, नर या नारी? |
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| He asked- O God! Mahadev! Bhagwan! I have heard this topic very well. Now tell me which caste the soul belongs to, male or female? |
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