श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 157: उमा-महेश्वर-संवादमें कितने ही महत्त्वपूर्ण विषयोंका विवेचन]  »  श्लोक d83
 
 
श्लोक  13.157.d83 
उमोवाच
देवदेव महादेव श्रुतं मे भगवन्निदम्।
आत्मनो जातिसम्बन्धं ब्रूहि स्त्रीपुरुषान्तरे॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने पूछा- हे देव! महादेव! भगवन्! मैंने यह विषय भली-भाँति सुन लिया है। अब मुझे बताइए कि आत्मा किस वर्ण की है, नर या नारी?
 
He asked- O God! Mahadev! Bhagwan! I have heard this topic very well. Now tell me which caste the soul belongs to, male or female?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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