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श्लोक 13.157.d72  |
श्रीमहेश्वर उवाच
शृणु तत् सर्वमखिलं गुह्यं पथ्यतरं नृणाम्।
येन वृत्तेन सम्पन्ना भवन्ति चिरजीविन:॥ |
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| अनुवाद |
| श्री महेश्वर बोले - देवि! यह सब गूढ़ रहस्य मनुष्यों के लिए अत्यंत कल्याणकारी है। जिन आचरणों से युक्त होकर धनवान मनुष्य चिरकाल तक जीवित रहते हैं, उन सब को सुनो। |
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| Shri Maheshwar said – Goddess! All this deep mystery is extremely beneficial for humans. Listen to all the behavior by which people who are rich in life live forever. |
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