श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 157: उमा-महेश्वर-संवादमें कितने ही महत्त्वपूर्ण विषयोंका विवेचन]  »  श्लोक d68
 
 
श्लोक  13.157.d68 
श्रीमहेश्वर उवाच
शृणु तत् कारणं देवि निर्णयस्त्वेक एव स:।
 
 
अनुवाद
श्री महेश्वर बोले- देवी! इसका कारण सुनो। इस विषय में एक ही निर्णय है।
 
Shri Maheshwar said- Devi! Listen to the reason for this. There is only one decision in this matter.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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