Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.157.d60: श्री महेश्वर बोले- देवी! मैं तुमसे सत्य बात कह रहा हूँ। कर्मों का फल भोगने के बाद आत्मा इस शरीर को किस प्रकार त्यागती है? इसे एकाग्रचित्त होकर सुनो।   |   mahabharat अध्याय 13.157: उमा-महेश्वर-संवादमें कितने ही महत्त्वपूर्ण विषयोंका विवेचन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 157: उमा-महेश्वर-संवादमें कितने ही महत्त्वपूर्ण विषयोंका विवेचन]  »  श्लोक d60
 
 
श्लोक  13.157.d60 
श्रीमहेश्वर उवाच
तदहं ते प्रवक्ष्यामि शृणु सत्यं समाहिता।
आत्मा कर्मक्षयाद् देहं यथा मुुञ्चति तच्छृणु॥
 
 
अनुवाद
श्री महेश्वर बोले- देवी! मैं तुमसे सत्य बात कह रहा हूँ। कर्मों का फल भोगने के बाद आत्मा इस शरीर को किस प्रकार त्यागती है? इसे एकाग्रचित्त होकर सुनो।
 
Shri Maheshwar said- Devi! I am telling you the truth about this matter. How does the soul leave this body after the fruits of its deeds are over? Listen to this with concentration.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)