Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.157.d2-d6: श्री महेश्वर बोले - देवी! जो स्त्रियाँ पूर्वजन्म में पतियों में आसक्ति के कारण व्यर्थ ही अपने पतियों के कुल का नाश करती हैं, उन्हें विष देती हैं, अग्नि में जला देती हैं तथा अपने पतियों के प्रति अत्यंत क्रूर होती हैं, अपने पतियों से द्वेष रखने के कारण अन्य स्त्रियों के पतियों से सम्बन्ध स्थापित करती हैं, ऐसी आचरण वाली स्त्रियाँ यमलोक में अच्छी तरह दण्डित होती हैं और दीर्घकाल तक नरक में रहती हैं। फिर किसी प्रकार मनुष्य जन्म पाकर वे भोग-विलास से रहित होकर विधवा हो जाती हैं। | mahabharat अध्याय 13.157: उमा-महेश्वर-संवादमें कितने ही महत्त्वपूर्ण विषयोंका विवेचन] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री महेश्वर बोले - देवी! जो स्त्रियाँ पूर्वजन्म में पतियों में आसक्ति के कारण व्यर्थ ही अपने पतियों के कुल का नाश करती हैं, उन्हें विष देती हैं, अग्नि में जला देती हैं तथा अपने पतियों के प्रति अत्यंत क्रूर होती हैं, अपने पतियों से द्वेष रखने के कारण अन्य स्त्रियों के पतियों से सम्बन्ध स्थापित करती हैं, ऐसी आचरण वाली स्त्रियाँ यमलोक में अच्छी तरह दण्डित होती हैं और दीर्घकाल तक नरक में रहती हैं। फिर किसी प्रकार मनुष्य जन्म पाकर वे भोग-विलास से रहित होकर विधवा हो जाती हैं।
Shri Maheshwar said - Devi! The women who in their previous birth, due to attachment to their husbands, destroy their husbands' families in vain, poison them, set them on fire and are extremely cruel to their husbands, establish relations with other women's husbands due to hatred towards their husbands, women with such conduct are punished well in Yamaloka and remain in hell for a long time. Then somehow after getting a human birth, they become widows without any enjoyment.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥