Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.156.d9-d12: श्री महेश्वर बोले- देवी! एकाग्रचित्त होकर सुनो, मैं तुम्हें प्रसन्नतापूर्वक सब कुछ बताऊंगा। जो मनुष्य बुरे वचन बोलते हैं, जो अपने से बड़ों या दूसरों के प्रति कटु, मिथ्या, कठोर और कटु वचन बोलते हैं, जो क्रोध के कारण दूसरों की जीभ काट देते हैं या जो काम के कारण प्रायः झूठ बोलते हैं, उनके जिह्वा प्रदेश में रोग उत्पन्न हो जाते हैं। | mahabharat अध्याय 13.156: अन्धत्व और पंगुत्व आदि नाना प्रकारके दोषों और रोगोंके कारणभूत दुष्कर्मोंका वर्णन] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री महेश्वर बोले- देवी! एकाग्रचित्त होकर सुनो, मैं तुम्हें प्रसन्नतापूर्वक सब कुछ बताऊंगा। जो मनुष्य बुरे वचन बोलते हैं, जो अपने से बड़ों या दूसरों के प्रति कटु, मिथ्या, कठोर और कटु वचन बोलते हैं, जो क्रोध के कारण दूसरों की जीभ काट देते हैं या जो काम के कारण प्रायः झूठ बोलते हैं, उनके जिह्वा प्रदेश में रोग उत्पन्न हो जाते हैं।
Shri Maheshwar said- Devi! Listen with concentration, I will happily tell you everything. Those people who speak bad words, who speak bitter, false, harsh and harsh words towards their elders or others, who cut the tongue of others due to anger or who often tell lies due to work, their tongue region gets diseases.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥