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mahabharat 13.156.d78-d80: श्री महेश्वर बोले - देवि! जो मनुष्य समस्त प्राणियों के प्रति क्रूरता का व्यवहार करते हैं, मृगों तथा पक्षियों के बच्चों को भी मारकर खाते हैं, गुरु के प्रति द्वेष रखते हैं, दूसरों के पुत्रों के दोष देखते हैं, पार्वण आदि श्राद्धों द्वारा शास्त्रविहित अपने पितरों का पूजन नहीं करते, सोभने! ऐसे आचरण वाले जीव जब दीर्घकाल के पश्चात् पुनः जन्म लेते हैं, तो मनुष्य जीवन प्राप्त करके पुत्रहीन हो जाते हैं और पुत्र के शोक से दुःखी होते हैं; इस विषय में विचार करने की आवश्यकता नहीं है।   |   mahabharat अध्याय 13.156: अन्धत्व और पंगुत्व आदि नाना प्रकारके दोषों और रोगोंके कारणभूत दुष्कर्मोंका वर्णन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 156: अन्धत्व और पंगुत्व आदि नाना प्रकारके दोषों और रोगोंके कारणभूत दुष्कर्मोंका वर्णन]  »  श्लोक d78-d80
 
 
श्लोक  13.156.d78-d80 
श्रीमहेश्वर उवाच
ये पुरा मनुजा देवि सर्वप्राणिषु निर्दया:।
घ्नन्त बालांश्च भुञ्जन्ते मृगाणां पक्षिणामपि॥
गुरुविद्वेषिणश्चैव परपुत्राभ्यसूयका:।
पितृपूजां न कुर्वन्ति यथोक्तां चाष्टकादिभि:॥
एवंयुक्तसमाचारा: पुनर्जन्मनि शोभने।
मानुष्यं सुचिरात् प्राप्य निरपत्या भवन्ति ते।
पुत्रशोकयुताश्चापि नास्ति तत्र विचारणा॥
 
 
अनुवाद
श्री महेश्वर बोले - देवि! जो मनुष्य समस्त प्राणियों के प्रति क्रूरता का व्यवहार करते हैं, मृगों तथा पक्षियों के बच्चों को भी मारकर खाते हैं, गुरु के प्रति द्वेष रखते हैं, दूसरों के पुत्रों के दोष देखते हैं, पार्वण आदि श्राद्धों द्वारा शास्त्रविहित अपने पितरों का पूजन नहीं करते, सोभने! ऐसे आचरण वाले जीव जब दीर्घकाल के पश्चात् पुनः जन्म लेते हैं, तो मनुष्य जीवन प्राप्त करके पुत्रहीन हो जाते हैं और पुत्र के शोक से दुःखी होते हैं; इस विषय में विचार करने की आवश्यकता नहीं है।
 
Shri Maheshwar said – Goddess! Those people who behave cruelly towards all living beings, kill and eat even the young of deer and birds, have hatred towards the Guru, look at the faults of other's sons, do not worship their ancestors as prescribed in the scriptures through Shraddhas like Parvana etc. Sobhne! When the living beings having such behavior take birth again, after a long time, after attaining human life, they become childless and are saddened by the grief of their son; There is no need to think about it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)