Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.156.d76-d77: उन्होंने पूछा - हे प्रभु! कुछ लोग निःसंतान होने के कारण बहुत दुखी रहते हैं। वे हर प्रकार के प्रयत्न करते हैं, फिर भी संतान से वंचित रह जाते हैं। ऐसा किस कर्मफल के कारण होता है? कृपया मुझे बताएँ। | mahabharat अध्याय 13.156: अन्धत्व और पंगुत्व आदि नाना प्रकारके दोषों और रोगोंके कारणभूत दुष्कर्मोंका वर्णन] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने पूछा - हे प्रभु! कुछ लोग निःसंतान होने के कारण बहुत दुखी रहते हैं। वे हर प्रकार के प्रयत्न करते हैं, फिर भी संतान से वंचित रह जाते हैं। ऐसा किस कर्मफल के कारण होता है? कृपया मुझे बताएँ।
He asked - O Lord! Some people are very unhappy because they are childless. They try everywhere but still remain deprived of having children. Due to which karmic consequence does this happen? Kindly tell me this.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥