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mahabharat 13.156.d54-d57: श्री महेश्वर बोले - कल्याणी! मैं तुम्हें इसका कारण बताता हूँ, सुनो। देवि! जो लोग पूर्वजन्मों में आसुरी प्रवृत्ति का आश्रय लेकर स्वच्छंद, क्रोधी और गुरुद्रोही हो जाते हैं, मन, वाणी, शरीर और कर्म से दूसरों को कष्ट पहुँचाते हैं, प्राणियों को काटते, फाड़ते और पीड़ा पहुँचाते हुए उनके प्रति सदैव क्रूरता करते हैं। देखो! ऐसे आचरण वाले लोग यदि अगले जन्म में मनुष्य योनि में जन्म लेते हैं, तो वे ऐसे ही होते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.156: अन्धत्व और पंगुत्व आदि नाना प्रकारके दोषों और रोगोंके कारणभूत दुष्कर्मोंका वर्णन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 156: अन्धत्व और पंगुत्व आदि नाना प्रकारके दोषों और रोगोंके कारणभूत दुष्कर्मोंका वर्णन]  »  श्लोक d54-d57
 
 
श्लोक  13.156.d54-d57 
श्रीमहेश्वर उवाच
तदहं ते प्रवक्ष्यामि शृणु कल्याणि कारणम्॥
ये पुरा मनुजा देवि त्वासुरं भावमाश्रिता:।
स्ववशा: कोपनपरा गुरुविद्वेषिणस्तथा॥
परेषां दु:खजनका मनोवाक्कायकर्मभि:।
छिन्दन् भिन्दंस्तुदन्नेव नित्यं प्राणिषु निर्दया:॥
एवंयुक्तसमाचारा: पुनर्जन्मनि शोभने।
यदि वै मानुषं जन्म लभेरंस्ते तथाविधा:॥
 
 
अनुवाद
श्री महेश्वर बोले - कल्याणी! मैं तुम्हें इसका कारण बताता हूँ, सुनो। देवि! जो लोग पूर्वजन्मों में आसुरी प्रवृत्ति का आश्रय लेकर स्वच्छंद, क्रोधी और गुरुद्रोही हो जाते हैं, मन, वाणी, शरीर और कर्म से दूसरों को कष्ट पहुँचाते हैं, प्राणियों को काटते, फाड़ते और पीड़ा पहुँचाते हुए उनके प्रति सदैव क्रूरता करते हैं। देखो! ऐसे आचरण वाले लोग यदि अगले जन्म में मनुष्य योनि में जन्म लेते हैं, तो वे ऐसे ही होते हैं।
 
Shri Maheshwar said - Kalyani! I am telling you the reason for this, listen. Devi! Those people who take refuge in demoniac nature in their previous births and become wayward, angry and traitor to their Guru, cause pain to others through mind, speech, body and actions, always show cruelty towards creatures by biting, ripping and tormenting them. Look! If people with such conduct are born as humans in their next birth, then they are like that.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)