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mahabharat 13.156.d31: उसने पूछा, "प्रभु! कुछ लोग कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं। उनके कर्मों का क्या फल है? कृपया मुझे बताइए।"   |   mahabharat अध्याय 13.156: अन्धत्व और पंगुत्व आदि नाना प्रकारके दोषों और रोगोंके कारणभूत दुष्कर्मोंका वर्णन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.156.d31 
उमोवाच
भगवन् मानुषा: केचित् क्लिश्यन्ते कुष्ठरोगिण:।
केन कर्मविपाकेन तन्मे शंसितुमर्हसि॥
 
 
अनुवाद
उसने पूछा, "प्रभु! कुछ लोग कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं। उनके कर्मों का क्या फल है? कृपया मुझे बताइए।"
 
He asked-Lord! Some people suffer because of leprosy. What is the result of their karma? Please tell me this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)