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mahabharat 13.156.d16: कुछ लोगों के पेट में तेज़ दर्द होता है जिससे उन्हें बहुत पीड़ा होती है और वे दुःख में डूब जाते हैं। ऐसा किस कर्म के फल से होता है? कृपया मुझे बताइए।   |   mahabharat अध्याय 13.156: अन्धत्व और पंगुत्व आदि नाना प्रकारके दोषों और रोगोंके कारणभूत दुष्कर्मोंका वर्णन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.156.d16 
तीक्ष्णशूलैश्च पीड्यन्ते नरा दु:खपरिप्लुता:।
केन कर्मविपाकेन तन्मे शंसितुमर्हसि॥
 
 
अनुवाद
कुछ लोगों के पेट में तेज़ दर्द होता है जिससे उन्हें बहुत पीड़ा होती है और वे दुःख में डूब जाते हैं। ऐसा किस कर्म के फल से होता है? कृपया मुझे बताइए।
 
Some people get sharp pains in their stomachs which cause them great pain and they are drowned in sorrow. What is the result of karma that causes this? Please tell me.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)