Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.156.d14: ऐसे लोग अपने ही कर्मों के परिणामस्वरूप दंत समस्याओं, सिर की समस्याओं, कान की समस्याओं और मुंह से संबंधित अन्य सभी समस्याओं से पीड़ित होते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.156: अन्धत्व और पंगुत्व आदि नाना प्रकारके दोषों और रोगोंके कारणभूत दुष्कर्मोंका वर्णन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 156: अन्धत्व और पंगुत्व आदि नाना प्रकारके दोषों और रोगोंके कारणभूत दुष्कर्मोंका वर्णन]  »  श्लोक d14
 
 
श्लोक  13.156.d14 
दन्तरोगशिरोरोगकर्णरोगास्तथैव च।
अन्ये मुखाश्रिता: दोषा: सर्वे चात्मकृतं फलम्॥
 
 
अनुवाद
ऐसे लोग अपने ही कर्मों के परिणामस्वरूप दंत समस्याओं, सिर की समस्याओं, कान की समस्याओं और मुंह से संबंधित अन्य सभी समस्याओं से पीड़ित होते हैं।
 
Such people suffer from dental problems, head problems, ear problems and all other mouth-related problems as a result of their own actions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)