Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.156.d13: जो लोग अपमानजनक और निन्दापूर्ण शब्द सुनते हैं तथा दूसरों के कानों को नुकसान पहुंचाते हैं, वे अगले जन्म में विभिन्न प्रकार के कान संबंधी रोगों से पीड़ित होते हैं। | mahabharat अध्याय 13.156: अन्धत्व और पंगुत्व आदि नाना प्रकारके दोषों और रोगोंके कारणभूत दुष्कर्मोंका वर्णन] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुश्रोतारस्तु ये चार्थं परेषां कर्णनाशका:।
कर्णरोगान् बहुविधाँल्लभन्ते ते पुनर्भवे॥
अनुवाद
जो लोग अपमानजनक और निन्दापूर्ण शब्द सुनते हैं तथा दूसरों के कानों को नुकसान पहुंचाते हैं, वे अगले जन्म में विभिन्न प्रकार के कान संबंधी रोगों से पीड़ित होते हैं।
Those who listen to abusive and blasphemous words and who harm others' ears, suffer from various types of ear-related diseases in their next birth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥