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श्लोक  13.155.d49 
उमोवाच
विरूपाश्च प्रदृश्यन्ते मानुषेष्वेव केचन।
केन कर्मविपाकेन तन्मे शंसितुमर्हसि॥
 
 
अनुवाद
उसने पूछा - हे प्रभु! मनुष्यों में कुछ लोग बहुत कुरूप दिखाई देते हैं। इसका क्या कारण है? कृपया मुझे बताइए।
 
He asked - O Lord! Amongst humans some people appear very ugly. What is the reason for this? Please tell me.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)