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mahabharat 13.155.d104-d107: श्री महेश्वर बोले - देवी! जो मनुष्य राक्षसों के आश्रित, क्रोध और लोभ से युक्त, अन्न से रहित, निष्क्रिय, नास्तिक, धूर्त, मूर्ख, आत्म-निर्भर, दूसरों को सताने वाले तथा सामान्यतः सभी जीवों के प्रति क्रूर हैं, वे अच्छे लगते हैं! ऐसे आचरण और व्यवहार वाले मनुष्य पुनर्जन्म के समय किसी प्रकार मनुष्य योनि प्राप्त करके, जहाँ भी जन्म लेते हैं, अपनी ही लापरवाही के कारण सर्वत्र दुःख भोगते हैं और अवांछनीय दोषों से युक्त होते हैं, जैसा कि आपने बताया है।   |   mahabharat अध्याय 13.155: विविध प्रकारके कर्मफलोंका वर्णन]   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 155: विविध प्रकारके कर्मफलोंका वर्णन]  »  श्लोक d104-d107
 
 
श्लोक  13.155.d104-d107 
श्रीमहेश्वर उवाच
ये पुरा मनुजा देवि आसुरं भावमाश्रिता:।
क्रोधलोभसमायुक्ता निरन्नाद्याश्च निष्क्रिया:॥
नास्तिकाश्चैव धूर्ताश्च मूर्खाश्चात्मपरायणा:।
परोपतापिनो देवि प्रायश: प्राणिनिर्दया:॥
एवंयुक्तसमाचारा: पुनर्जन्मनि शोभने।
कथंचित् प्राप्य मानुष्यं तत्र ते दु:खपीडिता:॥
सर्वत: सम्भवन्त्येव पूर्वमात्मप्रमादत:।
यथा ते पूर्वकथितास्तथा ते सम्भवन्त्युत॥
 
 
अनुवाद
श्री महेश्वर बोले - देवी! जो मनुष्य राक्षसों के आश्रित, क्रोध और लोभ से युक्त, अन्न से रहित, निष्क्रिय, नास्तिक, धूर्त, मूर्ख, आत्म-निर्भर, दूसरों को सताने वाले तथा सामान्यतः सभी जीवों के प्रति क्रूर हैं, वे अच्छे लगते हैं! ऐसे आचरण और व्यवहार वाले मनुष्य पुनर्जन्म के समय किसी प्रकार मनुष्य योनि प्राप्त करके, जहाँ भी जन्म लेते हैं, अपनी ही लापरवाही के कारण सर्वत्र दुःख भोगते हैं और अवांछनीय दोषों से युक्त होते हैं, जैसा कि आपने बताया है।
 
Shri Maheshwar said - Devi! Those men who are dependent on demons, full of anger and greed, deprived of food, inactive, atheist, cunning, foolish, self-reliant, tormentor of others and are generally cruel towards all living beings, look good! Men with such conduct and behavior, at the time of rebirth after getting human form somehow, wherever they are born, suffer from misery everywhere due to their own negligence and are filled with undesirable defects as you have told.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)