श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 153: संक्षेपसे राजधर्मका वर्णन  »  श्लोक d23
 
 
श्लोक  13.153.d23 
मातुलं भागिनेयं वा मातरं श्वशुरं गुरुम्।
पितरं वर्जयित्वैकं हन्याद् घातकमागतम्॥
 
 
अनुवाद
मामा, भांजा, माता, ससुर, गुरु और पिता - इनके अतिरिक्त यदि कोई अन्य व्यक्ति मारने के इरादे से आये तो उसे (अत्याचारी समझकर) मार डालना चाहिए।
 
Maternal uncle, nephew, mother, father-in-law, teacher and father - if any other person other than these comes with the intention of killing, he should be killed (considering him a tyrant).
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)