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यत् पापं परचक्रस्य परराष्ट्राभिघातने।
तत् पापं सकलं राजा हतराष्ट्र: प्रपद्यते॥
अनुवाद
दूसरे के राष्ट्र का नाश करने पर जो पाप दूसरे चक्र के राजा पर लगता है, वही पाप उस राजा पर भी लगता है जिसका राज्य उसकी अपनी दुर्बलता के कारण शत्रुओं द्वारा नष्ट कर दिया जाता है।
The sin that is applicable to the king of the second cycle for destroying another's nation, the same sin is also inflicted on the king whose kingdom is destroyed by the enemies due to his own weakness.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥