श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 153: संक्षेपसे राजधर्मका वर्णन  »  श्लोक d16
 
 
श्लोक  13.153.d16 
धरणीं गां हिरण्यं च सिद्धान्नं च तिलान् घृतम्।
ददन्नित्यं द्विजातिभ्यो मुच्यते राजकिल्बिषात् ॥
 
 
अनुवाद
जो राजा प्रतिदिन ब्राह्मण को भूमि, गौ, स्वर्ण, अन्न, तिल और घी दान करता है, वह पापों से मुक्त हो जाता है।
 
A king who daily donates land, cow, gold, grains, sesame seeds and ghee to a brahmin, becomes free from sins.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)