Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.152.d33-d34: जो व्यक्ति राष्ट्र के हित के लिए, गायों और ब्राह्मणों के हित के लिए, किसी को बंधन से मुक्त कराने के लिए तथा अपने मित्रों की सहायता के लिए अपना कठिन जीवन त्याग देता है, वह राजा का प्रिय बन जाता है और अपने कुल को समृद्धि के शिखर पर ले जाता है। | mahabharat अध्याय 13.152: योद्धाओंके धर्मका वर्णन तथा रणयज्ञमें प्राणोत्सर्गकी महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो व्यक्ति राष्ट्र के हित के लिए, गायों और ब्राह्मणों के हित के लिए, किसी को बंधन से मुक्त कराने के लिए तथा अपने मित्रों की सहायता के लिए अपना कठिन जीवन त्याग देता है, वह राजा का प्रिय बन जाता है और अपने कुल को समृद्धि के शिखर पर ले जाता है।
He who gives up his difficult life for the good of the nation, for the benefit of cows and brahmins, to free someone from bondage and to help his friends, becomes dear to the king and takes his clan to the pinnacle of prosperity.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥