Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.152.d1-d3: भगवान महेश्वर कहते हैं - राजा अपनी सहायता के लिए लोगों को नाना प्रकार के अन्न, वस्त्र और आभूषण देकर बुलाता और रखता है, उनके साथ भोजन करके उनसे घनिष्ठ संबंध स्थापित करता है तथा नाना प्रकार के आतिथ्य से उन्हें संतुष्ट करता है; ऐसे योद्धाओं को युद्ध छिड़ने पर सहायता के समय राजा के लिए शस्त्र उठाना उचित है। | mahabharat अध्याय 13.152: योद्धाओंके धर्मका वर्णन तथा रणयज्ञमें प्राणोत्सर्गकी महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान महेश्वर कहते हैं - राजा अपनी सहायता के लिए लोगों को नाना प्रकार के अन्न, वस्त्र और आभूषण देकर बुलाता और रखता है, उनके साथ भोजन करके उनसे घनिष्ठ संबंध स्थापित करता है तथा नाना प्रकार के आतिथ्य से उन्हें संतुष्ट करता है; ऐसे योद्धाओं को युद्ध छिड़ने पर सहायता के समय राजा के लिए शस्त्र उठाना उचित है।
Lord Maheshwar says - The king calls and keeps people for his help by giving them various kinds of food, clothes and ornaments, establishes close relations with them by eating with them and satisfies them with various types of hospitality; it is appropriate for such warriors to take up arms for the king at the time of help when a war breaks out.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥