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mahabharat 13.151.d8: तभी से राजाओं के अच्छे-बुरे आचरण का अवलोकन होता आया है। वररोहे! राजा के आचरण के विषय में मुझसे सुनो, जो जगत के लिए हितकर और उपयोगी है।   |   mahabharat अध्याय 13.151: राजधर्मका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.151.d8 
तदाप्रभृति संदृष्टं राज्ञां वृत्तं शुभाशुभम्।
तन्मे शृणु वरारोहे तस्य पथ्यं जगद्धितम्॥
 
 
अनुवाद
तभी से राजाओं के अच्छे-बुरे आचरण का अवलोकन होता आया है। वररोहे! राजा के आचरण के विषय में मुझसे सुनो, जो जगत के लिए हितकर और उपयोगी है।
 
Since then, the good and bad behaviour of kings has been observed. Vararohe! Listen to me about the behaviour of a king which is beneficial and useful for the world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)