Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.151.d48-d49: राजा को कुलीन पुरुषों, वैद्यों, श्रोत्रिय ब्राह्मणों, तपस्वी ऋषियों और अन्य व्यावसायिक व्यक्तियों का विशेष सम्मान करना चाहिए। ऐसा करना उसके अपने लाभ के लिए, राज्य के हित के लिए और राजकोष संग्रह के लिए आवश्यक है। | mahabharat अध्याय 13.151: राजधर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुलजानां च वैद्यानां श्रोत्रियाणां तपस्विनाम्।
अन्येषां वृत्तियुक्तानां विशेषं कर्तुमर्हति॥
आत्मार्थं राज्यतन्त्रार्थं कोशार्थं च समाचरेत् ॥
अनुवाद
राजा को कुलीन पुरुषों, वैद्यों, श्रोत्रिय ब्राह्मणों, तपस्वी ऋषियों और अन्य व्यावसायिक व्यक्तियों का विशेष सम्मान करना चाहिए। ऐसा करना उसके अपने लाभ के लिए, राज्य के हित के लिए और राजकोष संग्रह के लिए आवश्यक है।
The king should give special respect to the noble men, physicians, Shrotri Brahmins, ascetic sages and other men of profession. It is necessary to do so for his own benefit, for the benefit of the kingdom and for the collection of treasury.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥