Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.151.d38: जो लोग अपनी इच्छा से राजकार्य से विमुख हो जाते हैं, उनसे परामर्श करने की बात भी नहीं सोचनी चाहिए। राजा को चाहिए कि वह राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए सत्य और धर्म का पालन करे और दूसरों से भी करवाए। | mahabharat अध्याय 13.151: राजधर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कामकारेण वै मुुख्यैर्नैव मन्त्रमना भवेत्।
राजा राष्ट्रहितापेक्षं सत्यधर्माणि कारयेत्॥
अनुवाद
जो लोग अपनी इच्छा से राजकार्य से विमुख हो जाते हैं, उनसे परामर्श करने की बात भी नहीं सोचनी चाहिए। राजा को चाहिए कि वह राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए सत्य और धर्म का पालन करे और दूसरों से भी करवाए।
One should not even think of consulting with those who turn away from the state affairs at will. The king should follow and make others follow the truth and religion keeping in mind the nation's interests.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥